उत्तर प्रदेशराजनीति

परिवारवाद का विरोध करते हैं, मगर BJP ने महाराष्ट्र और झारखंड में नेताओं के परिजनों को बाँट दिये टिकट

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उत्तर प्रदेश/उत्तराखण्ड : 21 अक्टूबर 2024 ,। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘परिवारवादी राजनीति’ को देश के सामने खड़ा ‘बहुत बड़ा खतरा’ करार देते हुए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) पर परिवारवाद और तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया है। लेकिन खास बात यह है कि जब विपक्षी दलों पर प्रधानमंत्री परिवारवाद के अपने आरोप दोहरा रहे थे उसी समय भाजपा ने महाराष्ट्र के अपने उम्मीदवारों की जो सूची जारी की उसमें परिवारवादी नेताओं का बोलबाला था। हम आपको बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए 99 उम्मीदवारों की पहली सूची में 71 विधायकों को बरकरार रखने तथा कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में प्रभावशाली नेताओं के रिश्तेदारों को टिकट देने का भाजपा का कदम इस पश्चिमी राज्य में आम चुनाव में खराब प्रदर्शन के मद्देनजर जोखिम से बचने की उसकी पहल को दर्शाता है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस से भाजपा में आये अशोक चव्हाण की बेटी श्रीजया चव्हाण 20 नवंबर के चुनाव के लिए भाजपा द्वारा चुने गए क्षेत्रीय क्षत्रपों के रिश्तेदारों में से एक हैं।

अशोक चव्हाण लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हुए थे। कानून की डिग्री हासिल कर चुकीं श्रीजया नांदेड़ जिले में अपने पिता के गृह क्षेत्र भोकर से चुनावी शुरुआत करेंगी। भाजपा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और कोंकण के कद्दावर नेता नारायण राणे के बेटे नितेश राणे को सिंधुदुर्ग जिले की कंकावली सीट से दोबारा उम्मीदवार बनाया है।टिकट पाने वाले एक और राजनीतिक खानदानी नेता अमल महादिक हैं, जो भाजपा के राज्यसभा सदस्य धनंजय महादिक के छोटे भाई हैं। वह 2014 में जीती गई कोल्हापुर दक्षिण विधानसभा सीट को फिर से हासिल करने की कोशिश करेंगे। भाजपा ने जालना जिले के भोकरदन निर्वाचन क्षेत्र से वर्तमान विधायक और पूर्व केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे के पुत्र संतोष दानवे की उम्मीदवारी पर भी मुहर लगायी है। भाजपा के पूर्व मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री शिवाजीराव पाटिल निलंगेकर के पोते संभाजी पाटिल निलंगेकर को लातूर जिले के निलंगा निर्वाचन क्षेत्र से फिर चुनाव मैदान में उतारा गया है। प्रमुख राजनेताओं से संबंधित अन्य उम्मीदवारों में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के करीबी वरिष्ठ राजनेता पद्मसिंह पाटिल के बेटे राणा जगजीतसिंह पाटिल शामिल हैं। राणा की पत्नी अर्चना पाटिल ने राकांपा प्रत्याशी के रूप में धाराशिव लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

पुणे में शिवाजीनगर निर्वाचन क्षेत्र से सिद्धार्थ शिरोले को फिर से टिकट दिया गया है। वह पूर्व भाजपा सांसद अनिल शिरोले के बेटे हैं। चिंचवाड़ सीट पर मौजूदा विधायक अश्विनी जगताप की जगह उनके साले शंकर जगताप को टिकट दिया गया है। मुंबई में भाजपा ने अपनी नगर इकाई के प्रमुख आशीष शेलार को तीसरी बार बांद्रा पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से मैदान में उतारा है, जबकि उनके भाई विनोद शेलार मलाड पश्चिम सीट से चुनाव मैदान में उतरेंगे। विनोद का मुकाबला मौजूदा कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री असलम शेख से हो सकता है, अगर उन्हें फिर से टिकट दिया जाता है। भाजपा ने पहली सूची में 71 विधायकों को बरकरार रखा है, जिनमें उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले, विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर, मंत्री गिरीश महाजन, सुधीर मुनगंतिवार और चंद्रकांत पाटिल जैसे प्रमुख चेहरे शामिल हैं।

इसी प्रकार भाजपा ने झारखंड में भी कई ऐसे लोगों को टिकट दिये हैं जिनके परिजन राजनीति में है। इसी बात पर कटाक्ष करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय कुमार ने कहा है कि देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी में पारिवारिक संबंध हावी हैं। अजय कुमार ने सवाल किया कि क्या झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास साहू की बहू पूर्णिमा दास साहू, पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा की पत्नी मीरा मुंडा और पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के बेटे बाबूलाल सोरेन को पार्टी टिकट देना परिवारवाद की श्रेणी में नहीं आता है? कांग्रेस नेता ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा ने वरिष्ठ नेताओं की बहू और पत्नी को टिकट देकर महिला सशक्तिकरण का अनूठा उदाहरण पेश किया है।

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