
उत्तराखंड: 16 May 2026, शनिवार को देहरादून / राजधानी स्थित आज देहरादून के लेखक गाँव, थानो में “भारतीय ज्ञान परम्परा एवं विकसित भारत में संस्कृत का योगदान” विषय पर आयोजित विचार गोष्ठी में केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय, उत्तराखंड संस्कृत अकादमी और स्पर्श हिमालय विश्वविद्यालय के बीच महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर हुए।
कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज सहित कई विद्वानों ने संस्कृत को भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा की आत्मा बताया।
इस दौरान “वेद और विश्व शांति” उत्कृष्टता केंद्र का उद्घाटन भी किया गया। वक्ताओं ने संस्कृत को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने और उत्तराखंड में संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दिया।



