
सचिव श्री विनोद कुमार सुमन ने बताया कि मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए सभी जनपदों को आपदा प्रबंधन से संबंधित व्यवस्थाएं पूरी तरह सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने चारधाम यात्रा मार्गों पर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खराब मौसम अथवा किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका जाए।
—संबंधित अधिकारी यात्रा मार्गों की स्थिति पर लगातार नजर रखें और परिस्थितियों के अनुरूप आवश्यक निर्णय लें
—मौसम संबंधी चेतावनी के दौरान उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही पर विशेष सतर्कता बरती जाए
श्री सुमन ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखा जाए। किसी भी आपात स्थिति अथवा आपदा संबंधी घटना की सूचना तत्काल राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के टोल फ्री नंबर 1070 पर दें।
सचिव सुमन ने स्पष्ट किया कि जनसुरक्षा राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है और मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर सभी संबंधित विभागों एवं जनपदों को आपसी समन्वय के साथ पूरी तत्परता से कार्य करना होगा, ताकि किसी भी संभावित आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन श्री प्रकाश चंद्र, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी श्री राजकुमार नेगी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री दिनेश कुमार पुनेठा, श्री मोहित माथुर आदि उपस्थित रहे।
चीड़बासा में पत्थर गिरने की समस्या के समाधान के लिए प्रस्ताव मांगा
बैठक में चीड़बासा क्षेत्र में पहाड़ी से पत्थर गिरने की समस्या को लेकर भी चर्चा की गई। सचिव श्री सुमन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षेत्र में यात्रियों एवं आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सुरक्षात्मक उपायों का प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर शासन को भेजा जाए। उन्होंने विशेष रूप से पत्थर गिरने से बचाव के लिए सुरक्षा जाल (नेटिंग) लगाने संबंधी प्रस्ताव जल्द प्रस्तुत करने को कहा, ताकि आवश्यक स्वीकृति एवं कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।



