
उत्तराखंड: 29 Oct. 2026, देहरादून / राजधानी स्थित दून जनपद में निराश्रित एवं पालतू पशुओं के प्रभावी प्रबन्धन, पशु कल्याण सुनिश्चित करने के सम्बन्ध में जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने ऋषिपर्णा सभागार में नगर निगम, नगर निकाय, पशुपालन विभाग एवं संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने पशुओं के पंजीकरण, निगरानी, गौशालाओं के संचालन, पशु चिकित्सा सेवाओं तथा हेल्पलाइन व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इस दौरान देहरादून जनपद के डीएम ने नगर निगम एवं संबंधित निकायों को निर्देशित किया कि निराश्रित एवं पालतू पशुओं के पंजीकरण और प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए एक समर्पित पोर्टल विकसित किया जाए, जिससे प्रत्येक पशु का विवरण प्रशासन के पास उपलब्ध रहे। पोर्टल के माध्यम से पशुओं की संख्या, पंजीकरण की स्थिति तथा संबंधित अन्य आवश्यक जानकारियों का व्यवस्थित रिकॉर्ड रखा जाए, ताकि पशुओं के प्रबन्धन एवं निगरानी में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने नगर निगम एवं समस्त नगर निकाय क्षेत्रों में संचालित डेयरियों का विस्तृत सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए।
देहरादून डीएम ने पशु हेल्पलाइन नंबर 1962 पर शिकायतों का उचित रिस्पॉन्स नहीं मिलने तथा पशु एम्बुलेंस उपलब्ध न होने संबंधी शिकायतों को गंभीरता से लिया। व्यवस्था की वास्तविक स्थिति जानने के लिए उन्होंने स्वयं हेल्पलाइन नंबर 1962 पर कॉल किया। कॉल पर अपेक्षित रिस्पॉन्स नहीं मिलने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को संबंधित कार्मिकों की जवाबदेही निर्धारित करने तथा उनके वेतन रोकने के निर्देश दिए।
दून डीएम ने ने नगर निगम एवं नगर निकाय क्षेत्रों के प्रमुख प्रवेश एवं निकासी मार्गों पर कैमरे स्थापित करने के निर्देश दिए, जिससे पशुओं के आवागमन की निगरानी की जा सके। उगौशालाओं की नियमित निगरानी करते हुए वहां उपलब्ध सुविधाओं और पशुओं की स्थिति का आकलन किया जाए। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को प्रभावी मॉनिटरिंग करने तथा गौशाला प्रबन्धकों को व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के लिए कड़े निर्देश जारी करने को कहा। साथ ही शहर में पालतू एवं निराश्रित श्वानों के प्रबन्धन को लेकर जिलाधिकारी ने पंजीकरण व्यवस्था प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
साथ ही दून डीएम ने बंदरों के आतंक से प्रभावित मानव आबादी वाले क्षेत्रों में भी प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे क्षेत्रों में वन विभाग के साथ समन्वय स्थापित करते हुए निर्धारित मानकों एवं नियमों के अनुसार बंदरों का रेस्क्यू किया जाए, ताकि आमजन को राहत मिलने के साथ ही वन्यजीवों के संरक्षण संबंधी प्रावधानों का भी पालन सुनिश्चित हो सके।
इस दौरान बैठक में देहरादून जनपद के वरिष्ठ पशुपालन अधिकारी, नगर निगम डॉ. वी.के. अग्रवाल, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. डी.के. चंद, नगर निगम देहरादून के डॉ. रोहित गहलोत सहित नगर निगम ऋषिकेश, नगर निगम देहरादून एवं समस्त नगर निकायों के संबंधित अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।



