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नाबार्ड की ऋण योजना हेतु बैंकों को मिशन मोड पर काम करना होगा !सीएम

देहरादून/उत्तराखण्ड: 15 Jan.–2024: खबर…. राजधानी से सोमवार को देहरादून स्थित एक स्थानीय होटल में नाबार्ड के तत्वावधान में आयोजित स्टेट क्रेडिट सेमिनार में मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्टेट फोकस पालिसी पेपर 2024-25 का अनावरण भी किया। मुख्यमंत्री ने नाबार्ड का विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड में कृषि, बागवानी तथा छोटे और मध्यम क्षेत्र के उद्योगों के विकास के लिए नाबार्ड ने इस वर्ष चालीस हजार करोड़ रूपये की ऋण योजना तैयार की है, जो कि पिछले वर्ष की तुलना में साढ़े तैतीस प्रतिशत अधिक है।

वही इस दौरान सीएम  ने कहा कि यह हमारे छोटे किसानों तथा छोटे व मझौले उद्योगों में लगे लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि इस ऋण व्यवस्था की सही निगरानी भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऋण, लोन या क्रेडिट को जरूरतमंद और योग्य लोगों तक सरलता से पहुंचाने में सबसे बड़ी भूमिका बैंकों की है। बैंकों को ध्यान देना होगा कि जरूरतमंद और योग्य लोगों को ऋण सम्बन्धित औपचारिकताओं के लिए अनावश्यक न भटकना पड़े। इसके लिए बैंकों को मिशन मोड पर काम करना होगा।

इस दौरान सीएम  ने नाबार्ड के अधिकारियों से कहा कि प्रदेश की महिलाओं हेतु विशेष योजना प्रारंभ करें ताकि महिलाओं को भी इन योजनाओं का अधिक लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में उन्होंने टिहरी जिले की लाभार्थी महिलाओं से संवाद किया। उनके द्वारा बताया गया कि सशक्त बहना उत्सव योजना से विपणन में उन्हें काफी मदद मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की योजनाओं के लिए बैंकों से ऋण लेने के लिए सरलीकरण होना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि कई बार देखा गया है कि जो लोग वास्तव में कुछ करना चाहते हैं वे कई बार लोन लेने से वंचित रह जाते हैं।

साथ ही उन्होनें कहा कि राज्य सरकार ने पर्वतीय क्षेत्रों में पलायन रोकने हेतु पलायन निवारण आयोग का गठन किया। उन्होंने आह्वान किया कि पर्वतीय क्षेत्रों में ऋण आवंटन हेतु विशेष अभियान चलाया जाए।  ऋण जरूरतमंद लोगों को आसानी से मिल सके, इसके लिए बेहतर व्यवस्था की जाए। इस कार्य में बैंकों की बहुत बड़ी भूमिका होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि रिवर्स पलायन की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है, बैंक भी इस कार्य में भागीदार बनें। उन्होंने कहा कि नाबार्ड की ऋण योजना के आवंटन के लिए प्रत्येक बैंक ब्रांच को एक निश्चित टारगेट के साथ काम  करना होगा।

वही, मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने पिछले दिनों बड़े स्तर पर ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया। जिसका मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड को एक निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करना था, हमारा यह प्रयास सफल भी रहा। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इस समिट में देश दुनिया के लोगों से विशेष अपील की थी कि वे उत्तराखंड में आकर डेस्टिनेशन वेडिंग करें, अब इसके सकारात्मक परिणाम भी दिख रहे हैं।

इस दौरान नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक  वीके बिष्ट ने नाबार्ड द्वारा प्रदेश में संचालित विभिन्न गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी।  वही इस मौके पर उत्तराखण्ड सरकार में  कैबिनेट मंत्री  गणेश जोशी, डॉ. धन सिंह रावत, अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी,  आनंद बर्द्धन, सचिव बी.वी.आर.सी पुरूषोत्तम,  एच.सी.सेमवाल, एस.एन. पाण्डेय, विभिन्न विभागों एवं बैंकों के प्रतिनिधिगण आदि भी उपस्थित रहे।

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