
उत्तराखंड: 13 Sep. 2026, देहरादून / राजधानी स्थित एम्स ऋषिकेश में विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस- 2026 के उपलक्ष्य में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), ऋषिकेश में जनजागरूकता और सहभागिता गतिविधियों की श्रृंखला का आयोजन किया गया। बताया गया कि इसका उद्देश्य आत्महत्या की रोकथाम को बढ़ावा देना, मदद मांगने के व्यवहार को प्रोत्साहित करना और मानसिक स्वास्थ्य तथा आत्महत्या के आसपास खुले संवाद को बढ़ावा देना था।जिसमें छात्रों ने आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं की रोकथाम, शैक्षणिक दबाव से निपटने और घर पर एक सहयोगात्मक माहौल बनाने के महत्व को दर्शाया।
एम्स, ऋषिकेश में मनोरोग विभाग, ‘सीएनईआर’ (सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन नर्सिंग एजुकेशन एंड रिसर्च) और टेली-मानस के संयुक्त तत्वावधान में त्रिवर्षीय विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस- 2024–2026 के विषय “आत्महत्या पर दृष्टिकोण बदलना” (Changing the Narrative on Suicide) के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गई।
वही इस अवसर पर संस्थान की कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ प्रोफेसर (डॉ.) मीनू सिंह और एम्स के डीन एकेडमिक्स प्रोफेसर (डॉ.) सौरभ वार्ष्णेय के दूरदर्शी नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम
की शुरुआत।
इस दौरान संवाद में समाज में आत्महत्या पर चर्चा के तरीके को बदलने की आवश्यकता पर बल दिया गया—चुप्पी और कलंक से दूर हटकर सहानुभूति, समझ, रोकथाम और समर्थन की ओर बढ़ना। प्रतिभागियों ने मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता को मजबूत करने, मदद मांगने के व्यवहार को बढ़ावा देने, सहायक संस्थागत वातावरण बनाने और पेशेवर मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं तक समय पर पहुंच सुनिश्चित करने के महत्व को रेखांकित किया गया।
इस दौरान पैनलिस्टों और छात्र प्रतिनिधियों द्वारा एक क्यूआर कोड (QR Code) लॉन्च किया गया।आयोजित विविध गतिविधियों के माध्यम से एम्स ऋषिकेश ने मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता, वही, आत्महत्या रोकथाम, करुणा और सुलभ सहायता प्रणालियों को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।



