
उत्तराखंड: 04 Sep. 2026, देहरादून / राजधानी स्थित देहरादून जनपद जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने शहरी क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए सभी उप जिलाधिकारियों, नगर निगम, नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित मा0 सर्वाेच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किया जाए और कूड़ा निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस दौरान देहरादून जनपद के डीएम ने नदी किनारे अथवा नदियों में कूड़ा डाले जाने की घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए निगरानी तंत्र मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नदियों में कूड़ा फेंकते हुए पकड़े जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई जाए। जिन स्थानों पर नदियों में कूड़ा डाले जाने की संभावना रहती है, वहां जाली लगाकर सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने सेप्टिक टैंकरों की नियमित निगरानी करने तथा उनसे निकलने वाले मल का निर्धारित एसटीपी के माध्यम से उचित उपचार कराने के बाद ही निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
डीएम ने शहरी क्षेत्रों में बल्क वेस्ट जनरेटर को चिन्हित करने के निर्देश देते हुए कहा कि इन स्थानों पर कूड़े का उचित सेग्रीगेशन सुनिश्चित कराया जाए और गीले एवं सूखे कचरे का नियमानुसार निस्तारण किया जाए। उन्होंने निकाय अधिकारियों को कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।



