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‘हनुमान अंश’ की दहाड़ से हिला Toxic, 51 साल पुराने इतिहास की फिर हुई वापसी

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नीम करोली बाबा की जिंदगी पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ ने बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है। करीब ₹2 करोड़ के बजट में फिल्म ₹50 करोड़ का कारोबार कर चुकी है और इस साल की सफल हिंदी फिल्मों में अपनी जगह बना ली है। दूसरे हफ्ते के बाद फिल्म को दर्शकों का अच्छा वर्ड ऑफ माउथ मिला, जिसके चलते इसके शोज बढ़ रहे हैं और यह सिनेमाघरों में यश की पैन-इंडिया फिल्म ‘टॉक्सिक’ को भी कड़ी टक्कर दे रही है।

जानकारी के मुताबिक बॉक्स ऑफिस पर एक बार फिर वही चमत्कार हुआ है जो आज से करीब 51 साल पहले हुआ था। बाबा नीम करोली की जीवनी पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ ने सिनेमाघरों में ऐसा कमाल किया है जिसे देखकर हर कोई दंग है। फिल्म ने धीमी शुरुआत की और जैसे-जैसे वक्त बीतता गया इसकी कमाई में गजब की सुनामी आई है। इससे पहले कम बजट में बनी भक्तिमय क्लासिक फिल्म ‘जय संतोषी मां’ रिलीज हुई थी, जिसने ‘शोले’ को टक्कर दी थी और 1650% का मुनाफा दिया था। पूरे 51 साल के बाद हिंदी सिनेमा के इतिहास में कोई भी भक्तिमय फिल्म इस स्वर्णिम रिकॉर्ड को नहीं तोड़ सकी थी जो अब ‘हनुमान अंश’ ने कर दिखाया है।

फिल्म की सफलता के बाद ‘हनुमान अंश 2’ की तैयारी शुरू हो गई है। डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी के मुताबिक, सीक्वल में नीम करोली बाबा की जन्मभूमि फिरोजाबाद और उनके आगरा-मथुरा में बिताए जीवन पर फोकस किया जाएगा। फिल्म को शुरुआत में ट्रायलॉजी के रूप में पेश किया गया था और यह निर्देशक की लिखी किताब ‘डिवाइन डीटूर’ से प्रेरित है।

इस फिल्म ने 27वें दिन कितनी कमाई की है। इसके अलावा 8 दिन पहले रिलीज हुई यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ की कमाई में तेजी से गिरावट दर्ज की गई है।फिल्म रिलीज हुई तो शुरुआत में इसने महज 10-20 लाख रुपये की कमाई करनी शुरू की और इसे मुश्किल से 200-300 शोज दिए गए थे। धीरे-धीरे फिल्म की कमाई में और गिरावट आई और इसने 4 लाख, 5 लाख जैसे आंकड़े कलेक्ट किए और इसके शोज घटकर 30 से लेकर 60-65 तक रह गए थे। वहीं अब फिल्म करोड़ों में कमाई कर रही है,

वही दूसरी ओर  बाबा नीब कराैरी के दिव्य प्रसंगों पर आधारित फिल्म हनुमान अंश की टीम आगरा जिला जेल पहुंची। जेल में बंदियों से संवाद कर बाबा नीब करौरी की सेवा, करुणा और आध्यात्मिक प्रेरणा से जुड़ने का आह्वान किया। साथ ही  सामाजिक एवं गैर-व्यावसायिक पहल के तहत फिल्म के निर्देशक डॉ. विशाल चतुर्वेदी, मुख्य अभिनेता शोभिनव सत्या, अभिनेत्री पूर्णिमा तिवारी, संगीत निर्देशक साधु तिवारी व ऋषि पाठक, एसोसिएट एडिटर रीतिश केशरवानी ने बंदियों से सीधा व आत्मीय संवाद किया।

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