
देहरादून: हरिद्वार रोड स्थित जीआईडी रेस्टोरेंट में आज 25 अगस्त 2026, ऑल इंडिया स्मॉल न्यूजपेपर्स एसोसिएशन (आईसना) उत्तराखंड इकाई की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और गर्मागर्म बैठक संपन्न हुई। बैठक में देवभूमि उत्तराखंड पहुंचे राष्ट्रीय नेतृत्व का भव्य स्वागत करने के साथ ही, इस अवसर पर ऑल इंडिया स्मॉल न्यूजपेपर्स ऐसिसोशिएन उत्तराखंड इकाई की ओर से आईसना राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय शिव शंकर त्रिपाठी जी एवं राष्ट्रीय महासचिव सुश्री आरती त्रिपाठी (सदस्य-PCI) एवं श्री अरुण त्रिपाठी जी (सदस्य-PCI) के देवभूमि उत्तराखंड में आगमन पर हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन. के साथ एक बड़ी बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं संरक्षक उत्तराखंड इकाई श्री गुरदीप सिंह टोनी द्वारा की गई। बैठक में सर्वप्रथम संगठन के राष्ट्रीय नेतृत्व को पुष्प गुच्छ देकर सभी सदस्यों ने मिलकर जोरदार स्वागत अभिनंदन किया. वही प्रदेश महासचिव श्री सोमपाल सिंह के संचालन में हुई इस बैठक में लघु समाचार पत्रों के अस्तित्व और पत्रकारों के अधिकारों पर खुलकर चर्चा हुई।उत्तराखंड के सूचना विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर तीखा आक्रोश व्यक्त किया गया और विभाग को कटघरे में खड़ा किया गया।

बैठक के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री शिव शंकर त्रिपाठी जी ने उत्तराखंड इकाई के सभी प्रदेश के सदस्यों को संबोधित किया. उत्तराखंड में संगठन पत्रकारों की समस्याओं एवं उनके हितों के लिए अच्छा काम कर रही है इसके लिए आप सभी बधाई के पात्र हैं । उन्होंने पत्रकारों की सुरक्षा पत्रकारों की पीड़ा को समझा तथा लघु समाचार पत्रों के लिए जो कार्य कर रही है संगठन उसके विषय में प्रेरणादायक संदेश दिया।
साथ ही राष्ट्रीय महासचिव सुश्री आरती त्रिपाठी जी (सदस्य-PCI) ने उत्तराखंड इकाई के सभी सदस्यों से कहा कि उत्तराखंड में संगठन का अच्छी पहचान बन रही है। जिसमें इस संगठन के दो सदस्य सूचना विभाग में समिति में शामिल हुए हैं। इसके लिए आप सबको बधाई, और संगठन को मजबूत बनाने के लिए और प्रदेश के सभी जिलों में अधिक से अधिक सदस्य बनाए जाने पर भी जोर दिया। साथी सुश्री त्रिपाठी ने कहा कि सूचना विभाग में विज्ञापनों के लिए भेदभाव नहीं होने चाहिए ,
इसी के साथ आईसना– के राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रेस काउंसिल आफ इंडिया के सदस्य श्री अरुण त्रिपाठी जी ने क्रांतिकारी भाषण देकर उत्तराखंड इकाई के सदस्यों के अंदर जोश भरा और उन्हें लघु समाचार पत्रों की समस्याओं के लिए हर संभव प्रयास करने हेतु कार्य कर रहे हैं,साथ ही अरुण त्रिपाठी (पीसीआई सदस्य): उन्होंने अपने क्रांतिकारी संबोधन से पत्रकारों में नया जोश भरा। उन्होंने आश्वासन दिया कि RNI, PGRI और DAVP स्तर पर लघु समाचार पत्रों को आ रही अड़चनों को दूर करने के लिए पुरजोर प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने यह भी ऐलान किया कि सूचना महानिदेशक (DG) श्री बंशीधर तिवारी के समक्ष विज्ञापन दरों को बढ़ाने और गठित समिति की बैठक जल्द बुलाने का कड़ा प्रस्ताव रखा गया है, ताकि छोटे अखबारों को तत्काल राहत मिल सके।
साथ ही उन्होंने कहा कि RNI/PGRI एवं डीएवीपी मैं लघु समाचार पत्रों का जो परेशानियां और समस्या है उनको भी जल्द पूरा करने के लिए आश्वासन दिया। साथ ही सूचना संपर्क विभाग उत्तराखंड में विज्ञापनों के दरों को बढ़ाने के लिए उन्होंने डी.जी ( महानिदेशक). सूचना -बंशीधर तिवारी के आगे प्रस्ताव रखा एवं सूची व गठित समिति की जल्द बैठक की जानी चाहिए जिसे जल्द ही प्रदेश के लघु समाचार पत्रों को बड़ी राहत मिल जाएगी।
इसी के साथ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं संरक्षक उत्तराखंड इकाई गुरदीप सिंह टोनी ने पत्रकारों को जोश भरते हुए कहा कि हमारे संगठन में दो वरिष्ठ राष्ट्रीय स्तर के नेता प्रेस काउंसिल इंडिया में सदस्य नामित है, यह एक बड़ी संगठन की उपलब्धि भी है। साथी उन्होंने पत्रकार में एकता और मजबूती के साथ संगठन को चलाने के लिए ऊर्जावान संदेश दिया।
सूचना विभाग पर फूटा गुस्सा, नीति में बदलाव की मांग: बैठक में वक्ताओं ने एक स्वर में उत्तराखंड सूचना विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री संजय पांडे ने सूचना विभाग की कार्यशैली को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि विभाग की वर्तमान नीतियां लघु और मध्यम समाचार पत्रों के हितों का गला घोंट रही हैं। इस दौरान सचिव अफरोज खा ने दो टूक शब्दों में मांग उठाई कि सूचना विभाग की मौजूदा विज्ञापन नीति पूरी तरह से पक्षपातपूर्ण है और इसे तुरंत नए सिरे से तैयार किया जाना चाहिए, ताकि छोटे अखबारों का आर्थिक हनन रोका जा सके। साथ ही कोषाध्यक्ष-धीरज पाल सिंह ने भी लघु समाचारो की विभिन्न समास्यो पर चिंता व्यक्ति की
राष्ट्रीय नेतृत्व का कड़ा संदेश: “विज्ञापनों में भेदभाव बर्दाश्त नहीं”–आरती त्रिपाठी (राष्ट्रीय महासचिव एवं पीसीआई सदस्य): उन्होंने दो टूक कहा कि उत्तराखंड के सूचना विभाग में विज्ञापनों के वितरण में किसी भी प्रकार का भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संगठन को और अधिक आक्रामक और मजबूत बनाने के साथ प्रदेश के हर जिले में इसका विस्तार करने का आह्वान किया।
वही इस मौके पर शिव शंकर त्रिपाठी (राष्ट्रीय अध्यक्ष): उन्होंने उत्तराखंड इकाई के संघर्ष की सराहना करते हुए कहा कि संगठन लगातार पत्रकारों की सुरक्षा और उनकी पीड़ा के लिए लड़ रहा है। उन्होंने कहा कि छोटे समाचार पत्रों के अधिकारों के लिए सड़क से लेकर शासन स्तर तक संघर्ष तेज किया जाएगा।
वही इस कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्रदेश महासचिव श्री सोमपाल सिंह ने पत्रकारों का मांग-पत्र पढ़कर सुनाया। कोषाध्यक्ष धीरज पाल सिंह ने संगठन को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर बल दिया।
आईसना ने साफ कर दिया है कि यदि सूचना विभाग ने लघु समाचार पत्रों की समस्याओं और विज्ञापन नीतियों में सुधार को लेकर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो संगठन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
इस दौरान बैठक में यह प्रमुख चेहरे रहे मौजूद नगर अध्यक्ष बसंत पंत, अनूप ढौंडियाल, सोनू उनियाल, इफ्तिखार अंसारी, जितेंद्र नय्यर, सविता थलवाल, सलीम खान, बाबू हसन, नेहा नय्यर, मेघा गोयल और हरेराम सिंह सहित बड़ी संख्या में प्रदेशभर के पत्रकार और प्रकाशक उपस्थित रहे।आईसना की हुंकार: छोटे अखबारों से भेदभाव नहीं चलेगा, सूचना विभाग सुधरे वरना होगा आर-पार का आंदोलन”



