उत्तराखंडत्योहार/दिवसदेहरादून

जानें गुरु ग्रह के इस शुभ संयोग व पूजन के बारे में !,इस दिन प्रदोष काल नहीं

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उत्तराखंड: 19 अक्टूबर 2025, रविवार को देहरादून । देशभर में  दीपावाली पर्व सनातन धर्म का एक अत्यंत पावन और प्रमुख पर्व है। जो साल में एक बार पवित्र मास कार्तिक महीने में अमावस्या तिथि को किया जाता है।  ज्योतिषियों के अनुसार इस वर्ष दिवाली के दिन एक विशेष और शुभ योग बन रहा है जिसे हंस महापुरुष राजयोग कहा जाता है। यह योग तब बनता है जब गुरु ग्रह (बृहस्पति) अपनी उच्च राशि कर्क में स्थित होता है।

दीपावाली पर्व  2025 को 20 अक्तूबर को मनाई जाएगी, जो हंस महापुरुष राजयोग जैसे शुभ संयोगों से अत्यंत खास बन रही है। इस दिन लक्ष्मी पूजन शुभ मुहूर्त में करने से घर में सुख-समृद्धि और धन वैभव का वास होता है। इसे कालरात्रि भी कहा जाता है, जो तंत्र साधना और विशेष उपायों की सिद्धि के लिए सर्वोत्तम मानी जाती है। इस दिन देवी लक्ष्मी के साथ कुबेर और गणेश भगवान का पूजन किया जाता है।गुरु का यह संयोग बेहद शुभ माना जाता है और यह योग व्यक्ति के जीवन में वैभव, बुद्धि, सम्मान और समृद्धि लाने वाला होता है। दिवाली जैसे पावन पर्व पर इस राजयोग का बनना इस दिन की धार्मिक और ज्योतिषीय महत्ता को और अधिक बढ़ा देता है।

कुछ लोग 20 अक्टूबर को तो कुछ 21 अक्टूबर को दीपावली मनाने की बात कर रहे हैं। इसका कारण यह है कि इस बार कार्तिक मास की अमावस्या तिथि दो दिनों तक रहेगी।जानकारी के अनुसार  21 अक्टूबर को अमावस्या तिथि सूर्यास्त से पहले समाप्त हो जाएगी। इस दिन प्रदोष काल नहीं रहेगा, जिससे दीपावली का त्योहार नहीं मनाया जाएगा। इसलिए शास्त्र सम्मत गणना के अनुसार दीपावली 20 अक्टूबर को ही मनाई जाएगी।

मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्रीराम 14 वर्षों के वनवास के बाद अयोध्या लौटे थे। उनके स्वागत में अयोध्यावासियों ने दीप जलाकर पूरे नगर को रोशनी से सजाया था, तभी से दीपावली दीपों और रोशनी का पर्व बन गया। 20 अक्तूबरको न केवल अमावस्या है, बल्कि वह प्रदोष काल से युक्त भी है। इसलिए लक्ष्मी पूजन और दीपावली उत्सव के लिए यही दिन सर्वश्रेष्ठ है। यह अमावस्या तिथि 20 अक्तूबर को दोपहर 3:44 बजे से शुरू होकर 21 अक्तूबर की शाम 5:55 बजे तक रहेगी।

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