
उत्तराखंड: 08 April 2026, बुधवार को देहरादून/राजधानी में सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा उत्तराखण्ड शासन सचिन कुर्वे की अध्यक्षता में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में पहली बार फील्ड स्तर की वास्तविक स्थिति जानने के लिए एएनएम को भी जोड़ा गया। बैठक में विशेष रूप से हरिद्वार और पौड़ी जनपद की एएनएम ने सहभागिता कर जमीनी अनुभव साझा किए और ग्रामीण क्षेत्रों में आने वाली चुनौतियों की जानकारी दी।
इस बैठक के दौरान सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सचिन कुर्वे ने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार सतत विकास लक्ष्यों (SDG) के अनुरूप मातृ मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी लाने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। इसके लिए संस्थागत प्रसव को मजबूत बनाना, गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण एएनसी सेवाएं उपलब्ध कराना तथा प्रत्येक गर्भवती महिला तक समय पर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
साथ ही उत्तराखंड सरकार मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सुधार के लिए मिशन मोड में काम कर रही है। सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सचिन कुर्वे ने सभी जिलों की गहन समीक्षा करते हुए निर्देश दिए हैं कि हर गर्भवती महिला तक समय पर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाएं।
सरकार ने स्पष्ट लक्ष्य रखा है कि राज्य में शून्य होम डिलीवरी और रोकी जा सकने वाली मातृ मृत्यु को पूरी तरह खत्म किया जाए। इसके लिए संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, प्रत्येक गर्भवती महिला की लाइन लिस्टिंग, EDD आधारित ट्रैकिंग और समयबद्ध फॉलो-अप अनिवार्य किया गया है।
सभी गर्भवती महिलाओं का शीघ्र पंजीकरण, कम से कम चार ANC जांच, जरूरी लैब टेस्ट और अल्ट्रासाउंड सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। हाई-रिस्क गर्भावस्थाओं की पहचान कर विशेषज्ञों की निगरानी में रखा जाएगा। साथ ही 102 और 108 एम्बुलेंस सेवाओं के जरिए मुफ्त पिकअप-ड्रॉप सुविधा को और मजबूत किया जा रहा है।
एनीमिया नियंत्रण को भी प्राथमिकता देते हुए गंभीर मामलों में तत्काल उपचार के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा टीबी उन्मूलन अभियान के तहत हाई-रिस्क क्षेत्रों में व्यापक स्क्रीनिंग और जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
PCPNDT अधिनियम के सख्त पालन के लिए नियमित निरीक्षण, बैठकें और अवैध गतिविधियों पर रोक हेतु डिकॉय ऑपरेशन चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य स्तर पर बने मातृ स्वास्थ्य वार रूम से रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है, जिससे हर केस पर नजर रखकर समय पर निर्णय लिया जा सके। सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और सभी जिलों को परिणामोन्मुख कार्ययोजना के साथ काम करना होगा, ताकि हर महिला का सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित हो सके।
सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सचिन कुर्वे ने कहा कि उत्तराखंड सरकार मातृ स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गर्भवती महिला तक समय पर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना और सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, समय पर जांच और उच्च जोखिम मामलों की पहचान कर विशेषज्ञ निगरानी सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो उसके प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
वही इस बैठक में उत्तराखण्ड सरकार के निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. रश्मि पंत, सहायक निदेशक डॉ. अमलेश, सहायक निदेशक डॉ. उमा रावत, संबंधित जनपदों के मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित डॉ. नितिन अरोड़ा (सीनियर कंसल्टेंट) भी उपस्थित रहे।



