जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार: जनसेवा का सशक्त मॉडल

उत्तराखण्ड: 31 Jan. 2025 शनिवार को देहरादून। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार द्वारा संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान राज्य में जनसरोकारों को धरातल पर उतारने का एक सशक्त और प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। यह अभियान शासन और आम नागरिक के बीच सीधा संवाद स्थापित करते हुए सेवा, सहभागिता और विश्वास के नए मानक स्थापित कर रहा है।
इस अभियान के अंतर्गत प्रदेशभर में निरंतर जनहितकारी शिविरों (कैम्पों) का आयोजन किया जा रहा है, जिनके माध्यम से आमजन को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का सीधा लाभ उनके निकट ही उपलब्ध कराया जा रहा है।
आज के दिन की उपलब्धि के रूप में प्रदेश में कुल 16 कैम्पों का आयोजन किया गया, जिनमें 6,820 नागरिकों ने प्रत्यक्ष रूप से सेवाओं का लाभ प्राप्त किया। यह आँकड़ा इस बात का प्रमाण है कि सरकार की योजनाएँ अब कागजों तक सीमित न रहकर जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू हो रही हैं।
वहीं अद्यावधि (अब तक) की बात करें तो राज्य में कुल 541 कैम्पों का सफल आयोजन किया जा चुका है, जिनके माध्यम से 4,28,183 नागरिकों तक सरकारी सेवाएँ, समाधान और लाभ पहुँचाए जा चुके हैं। यह उपलब्धि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के उस विजन को साकार करती है, जिसमें सरकार स्वयं जनता के द्वार तक पहुंच कर उनकी समस्याओं का समाधान करती है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारी सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएँ बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचे। ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान इसी सोच का सजीव उदाहरण है।
इस अभियान के माध्यम से न केवल जनसमस्याओं का त्वरित समाधान हो रहा है, बल्कि जनता की सहभागिता भी शासन व्यवस्था में लगातार बढ़ रही है। पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशील प्रशासन की दिशा में यह अभियान उत्तराखण्ड में सुशासन का मजबूत आधार बन रहा है।
“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान आज मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में विश्वास, विकास और जनकल्याण का प्रतीक बन चुका है।



