उत्तराखंडत्योहार/दिवसदेहरादून

करनपुर में नम आंखों से भक्तो ने मॉ दुर्गा को विदा किया,धूमधाम से निकाली भव्य शोभायात्रा

कहीं रावण दहन तो कहीं दुर्गा विसर्जन

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उत्तराखंड: 20 Oct. 2026, देहरादून / राजधानी स्थित मंगलवार को 20 अक्टूबर को नवरात्रि की विजयादशमी के दिन मॉ दुर्गा  व श्री गणेश भगवान, कार्तिक भगवान,मॉ लक्षमी, मॉ सरस्वती देवी की प्रतिमाओ को भव्य शोभायात्रा के साथ धूमधाम से गंगा जी में विजर्सन किया गया । मान्यता है कि इस दिन माता अपने मायके से विदा लेकर कैलाश पर्वत लौट जाती हैं। और पूरे विधि से माता की प्रतिमाओं का विसर्जन कर दिया जाता है। पंडालो में दुर्गा विसर्जन के दिन सबसे पहले माता की विधि विधान पूजा की जाती है।

माता को फूल, अक्षत, सिंदूर, लाल चुनरी और नारियल चढ़ायी जाती है। साथ ही माता रानी की आरती करें और उनसे पूजा में हुई भूल.चूक की क्षमा प्रार्थना की गई। इस दौरान फिर जल से भरा कलश लेकर देवी को विदा कर देते है। इस विसर्जन पूजा के समय मॉ दुर्गा देवी से प्रार्थना कि कि वे अगले वर्ष फिर से पधारें और सब पर कृपा बनाए रखें।और पूजा में आयोजिको से पूजा में हुई भूल.चूक की क्षमा प्रार्थना करें।मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन के साथ पर्व का समापन होता है।

करनपुर देहरादून के लक्ष्मी नारयाण मंदिर में बजरंग सेवा समिति द्वारा आयोजित 36वीं दुर्गा पूजा प्रातः मॉ दुर्गा व सभी देवी देवताओं की विधि विधान से साथ पूजा अर्चना की गई साथ प्रतिमाओं की विसर्जन पूजा के बाद महिलाओं ने मॉ दूर्गा के साथ सिंदूर खेला गया।सुबह से ही घरों और पूजा पंडालों में धार्मिक अनुष्ठान किए गए। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।

विजयदशमी के दिन मां दुर्गा की प्रतिमा के विसर्जन से पहले एक दर्पण में देवी की प्रतिमा का प्रतिबिंब उतारा जाता है और माता के चरणों के दर्शन शीशे के माध्यम से किए जाते हैं। कुछ स्थानों पर इस दौरान भक्त माता के चरणों को आईने में देखकर प्रणाम करते हैं और उनका आशीर्वाद मांगते हैं।

करनपुर मंदिर में पूरा पंडाल मॉ के जय जय कारो से गूंजमय हो गया। साथ दौरान पूजा समिति के मीडिया प्रभारी सोमपाल सिंह (वरिष्ठ पत्रकार) ने बताया कि विजयदशमी पर मां के जयकारों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। नौ दिनों की पूजा.अर्चना के बाद ऐतिहासिक कीरत सागर में दुर्गा प्रतिमाओं का भव्य शोभयात्रा ढोल नगाढ़ो, बैड बाजो के साथ धूमधाम के साथ भक्त जन नाचते कीर्तिन करते शोभायात्रा में सभी प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए हरिद्वार प्रास्थान किया जहां गंगा जी मॉ दुर्गा व अन्य देवी देवताओं की प्रतिमााओं को वैदिक मंत्रो उच्चाण के साथ पूजा अर्चन कर विसर्जन किया गया ।साथ ही शारदीय नवरात्र महोत्सव संपन्न हो गया।

 

इस दौरान मंगलवार को देहरादून में दुर्गा पूजा पंडालों से मां दुर्गा की प्रतिमाओं के साथ शोभायात्रा निकाली गई । सभी पंडालों में स्थापित प्रतिमाओं को भक्तिमय माहौल में विदाई दी गई। बैंड.बाजों की धुन पर महिला श्रद्धालु जमकर झूमीं, तो भक्तों ने नम आंखों से मां को विदा किया। साथ उत्तराखण्ड पुलिस प्रशासन और नगर पालिका के सहयोग से विसर्जन कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहा।
इस शुभ अवसर पर पुजारी जी- पं0 शास्त्री श्री गिरिश चन्द्र सेमवाल ;कौशल आश्रम, हरिद्वार] विशेष रूप से शामिल बजरंग सेवा समिति के वर्तमान अध्यक्ष- , वर्तमान अध्यक्ष-श्री सौरभ दुसेजा, उपाध्यक्ष, सन्नी मेहरा,महासचिव रू श्री मयंक चिटकारा, कोषाध्यक्ष- श्री चेतन दिवान, श्री जितेन्द्र साहनी,मीडिया प्रभारी – श्री सोमपाल सिंह वरिष्ठ पत्रकार, जितेन्द्र नैय्यर भूतपूर्व अध्यक्ष-वर्तमान पार्षद वार्ड-15, रवि कुमार (गोलू,) पार्षद-करनपुर, मनोज पराशर, अभिषेक (रिंकू,), सुमित अरोड़ा, ,ललित जुयाल ,बन्टी,चावला, जतिन अरोड़ा, शुभम जोशी, मयंक माहेश्वरी, चिराग शर्मा, कानूनी सलाहकार,, यशपाल सिंह पुंडीर, पंकज आहुजा, मानसी शिंगारी, मनीषा दुसेजा, काव्या महर्षि, पूजा प्रबंधक – डाण् सुशील दीवान, प्रवीन चावला ;बन्टी, , राजीव स्वरूप, जितेन्द्र राजोरी, राजकुमार सचदेवा,संरक्षक – खजानदास -विधायक राजपुर, श्री सूर्यकान्त धस्माना,सुभाष वासुदेव, सतीश दुसेजा, अनूप चन्दन,विनोद दुसेजा, विनोद शर्मा, हेमन्त महेश्वरी, यशपाल दिवान, तिलक राज चांदना, बिट्टू चावला, बृजेश चावला ;बोबी, आदि बड़ी संख्या करनपुर क्षेत्र की जनता शामिल हुई।

आज  विजयादशमी धार्मिक आस्था और लोक संस्कृति दोनों से जुड़ा पर्व है।  विजयादशमी यानी दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। भारत के प्रमुख त्योहारों में शामिल यह पर्व अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का संदेश देता है।

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