
उत्तराखंड: 19 Oct. 2026, देहरादून / राजधानी स्थित शारदीय नवरात्रि की महानवमी (19 अक्टूबर 2026) के पावन अवसर पर विभिन्न मंदिरों, पूजा पंडालों और सामाजिक संगठनों द्वारा भव्य भंडारे और कन्या पूजन का आयोजन किया गया महानवीं के दिन दुर्गा पंडाले में भंडारे का आयोजन परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ हरियाली अर्पित की गई, हवन-यज्ञ और कन्या पूजन के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद और भंडारे का वितरण किया गया । 19 Oct. 2026, नवरात्रो में महानवमी को करनपुर बाजार स्थित लक्ष्मी नारायाण मंदिर में बजरंग सेवा समिति द्वारा आयोजित 36वीं दुर्गा पूजा समिति द्वारा हवन.पूजन, कन्या पूजन और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें सैकड़ो श्रद्धालो ने भोग प्रसाद ग्रहण कर मॉ दुर्गा का आर्शिवाद प्राप्त किया।
पूरे सालभर से लोगों को इसका इंतजार रहता है। दुर्गा पूजा की वास्तविक शुरुआत षष्ठी तिथि से होती है। दुर्गा पूजा में षष्ठी, महासप्तमी, महाअष्टमी, महानवमी और विजयादशमी तिथि का विशेष महत्व है। इस पर्व को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। विभिन्न मंदिरों, पूजा पंडालों और सामाजिक संगठनों द्वारा दुर्गापूजा अत्यंत हर्षोल्लास और भव्यता के साथ आयोजित किया गया।
इसअवसर पर देहरादून में कई जगहो में दुर्गा महोत्सव का आयोजिन किया जा रहा हैं जिसमें करनपुर बंगाली मौहल्ला में बंगाली लाईब्रेरी पूजा समिति सबसे पुरानी दुर्गा पूजा 104 वीं महोत्सव मनाया जा रहा हैं वही करनपुर बाजार स्थित लक्ष्मी नारायाण मंदिर में बजरंग सेवा समिति द्वारा आयोजित 36वां दुर्गा पूजा महोत्सव, साथ ओल्ड डालनवाल में यंग ब्वायज क्लब द्वारा आयोजित 40 से अधिक दूर्गा पूजा बड़े धूमधाम व हर्षोल्लास के साथ मनायी जा रही है। जिसमें मां दुर्गा के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे है। शाम को आरती व भोग प्रसाद का आंनंद भक्त जन ले रहे है।
मंगलवार, 20 अक्टूबर को विजयादशमी का पर्व मनाया जाएगा. साथ ही 2 अक्टु0 विजयदश्मी को दुर्गा माँ की विदाई सिंदूर खेला,जाएगा, सभी साथ हीपूजा महोत्सव शोभायात्रा के बाद प्रतिमाओं का विसर्जन , शांति जल , मिष्ठान , भजन व मंगल कामनाओ से साथ समाप्त होगा ।



