
उत्तराखंड: 01 MARCH.2026, शनिवार को देहरादून / राजधानी स्थित ( पूर्व राजभवन ) लोक भवन उत्तराखंड देहरादून में तीन दिवसीय वसंतोत्सव का रविवार को समापन हो गया। वसंतोत्सव के इन तीन दिनों में बड़ी संख्या में लोगों ने पुष्पों के प्राकृतिक सौंदर्य और अन्य कार्यक्रमों का भरपूर आनंद लिया। वसंतोत्सव-2026 में इस वर्ष की चल वैजंती (रनिंग ट्राफी) आईआईटी रुड़की को मिली।
इस वर्ष आईआईटी रुड़़की ने 13 श्रेणियों में पुरस्कार जीतकर प्रथम स्थान प्राप्त किया वहीं 04 श्रेणियों में पुरस्कार प्राप्त कर ओएनजीसी को दूसरा स्थान मिला। वसंतोत्सव में 15 श्रेणियों की 54 उप श्रेणियों में 161 पुरस्कार वितरित किये गये। राज्यपाल लेफ्टिनेट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) और मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने पुष्प प्रदर्शनी प्रतियोगिताओं, रंगोली तथा बच्चों की चित्रकला प्रतियोगिता, फोटो प्रतियोगिता आदि श्रेणियों के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए।
इस वसंतोत्सव- 2026 में इस वर्ष पहली बार गवर्नर्स अवार्ड की शुरुआत की गई, जिसके अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले कृषकों, महिला कृषकों तथा स्टार्टअप के माध्यम से नवाचार कर रहे युवा कृषकों को सम्मानित किया गया
वही इस समापन समारोह में आईएमए और आईटीबीपी के पाइप बैंड के मधुर धुनों ने समापन समारोह को और आकर्षक बना दिया। उपस्थित दर्शकों ने जिसका पूरा आनंद लिया और पाइप बैंड की धुनों की सराहना की।
इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि इन तीन दिनों में लोक भवन में आई लगभग साढ़े तीन लाख जनता के चेहरे पर जो प्रसन्नता और संतोष दिखाई दिया, वही इस आयोजन की सबसे बड़ी सफलता है। राज्यपाल ने कहा कि वसंतोत्सव-2026 की मूल भावना यह रही कि फूलों के माध्यम से व्यक्ति के भीतर सकारात्मकता, संतुलन और रचनात्मकता का संचार हो। उन्होंने कहा कि शोध के आधार पर उद्यान विभाग द्वारा स्थापित स्टॉलों में यह प्रदर्शित किया गया कि किस प्रकार पुष्प मानव जीवन में स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और आनंद का स्रोत बन सकते हैं।
उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड की नारी शक्ति आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरणादायक कार्य कर रही है।
साथ ही मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि वसंतोत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड की प्राकृतिक संपदा, कृषि शक्ति और उभरती हरित अर्थव्यवस्था का उत्सव है। उन्होंने कहा कि वसंत ऋतु प्रकृति के श्रृंगार के माध्यम से सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक प्रसन्नता का संदेश देती है। लोक भवन में सुसज्जित विविध पुष्पों की रंगत और सुगंध राज्य की समृद्ध जैव-विविधता का प्रतीक है।
वही इस कार्यक्रम में कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री श्री गणेश जोशी, विधायक श्री खजान दास, विधायक श्रीमती सविता कपूर, प्रथम महिला श्रीमती गुरमीत कौर, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती गीता धामी, सचिव श्री राज्यपाल श्री रविनाथ रामन, विधि परामर्शी कौशल किशोर शुक्ल, सचिव उद्यान श्री एस. एन. पाण्डेय, अपर सचिव श्री राज्यपाल श्रीमती रीना जोशी, निदेशक उद्यान श्री एस.एल. सेमवाल सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।



