
उत्तराखंड: 24 अगस्त 2025, रविवार को देहरादून । एम्स ऋषिकेश में आयोजित पब्लिक व्याख्यान कार्यक्रम के तहत नेत्र रोग विशेषज्ञों ने कहा कि दुनिया देखने के लिए आंखे जरूरी हैं और आंखों की सुरक्षा के लिए इनकी देखभाल के साथ-साथ इन्हें चोट लगने से बचाना भी बहुत जरूरी है। बताया गया कि आंखों में लगने वाली चोट की वजह से आंखो की रोशनी भी जा सकती है इसलिए संवदेनशील कार्य स्थलों पर आंखों की सुरक्षा के लिए हमेशा सुरक्षा चश्मों का उपयोग करना चाहिए।
विभिन्न कारणों से आंख में चोट लगने पर आंखों की देखभाल और इसके प्रति जन जागरूकता के उद्देश्य से एम्स ऋषिकेश में ’आंखों में लगने वाली चोट, कारण एवं बचाव’ विषय पर पब्लिक लेक्चर और सतत चिकित्सा शिक्षा (सी.एम.ई.) का आयोजन किया गया। संस्थान के नेत्र रोग विभाग और ’उत्तराखंड स्टेट ऑफ्थोमोलोजी सोसाईटी (यू.के.एस.ओ.एस) के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित कार्यक्रम में संस्थान के नेत्र रोग विशेषज्ञों सहित देहरादून, हरिद्वार और आसपास के मेडिकल काॅलेजों तथा स्वास्थ्य संस्थानों के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने आंखों को सुरक्षित रखने के बारे में व्यापक चर्चा की और अपने अनुभव साझा कर विभिन्न लाभप्रद जानकारियां दीं।
वर्चुअली माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एम्स की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने आंखों में लगने वाली चोट को एक ज्वलंत मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में यह एक आम समस्या हो गयी है। खासतौर पर सड़क दुर्घटनाओं के अधिकांश मामलों में आंखों में चोट लगने के केस ज्यादा आने लगे हैं। इसके लिए उन्होंने संस्थान स्तर पर जन-जागरूकता अभियान संचालित करने की बात कही।संबन्धित विषय पर व्याख्यान देते हुए एम्स के नेत्र रोग विभाग के हेड और कार्यक्रम के आयोजन अध्यक्ष प्रो. संजीव कुमार मित्तल ने कहा कि आंखें शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है।
लेकिन कई बार बाह्य आघात से लगने वाली चोट के कारण हमारी आंखों को गंभीर नुकसान पंहुच जाता है। यहां तक कि चोट लगने से अंधेपन की समस्या भी हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि हम आंखों की चोट, होने वाले नुकसान और उससे बचाव के प्रति सजग रहकर आंखों की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह जागरूक रहें और अपने आस-पास के लोगों को भी इस बारे में जागरूक करें।
इस अवसर पर उत्तराखण्ड सरकार में के स्वास्थ्य और उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने एम्स पहुंचकर इलाज हेतु ट्राॅमा इमरजेन्सी में भर्ती थराली आपदा के घायलों का हालचाल जाना और चिकित्सकों को इलाज के बारे में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बाद में श्री रावत नेत्र रोग विभाग द्वारा आयोजित पब्लिक व्याख्यान कार्यक्रम में भी शामिल हुए। उन्होंने एम्स द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की सराहना की