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Festive Season में सरकार ने लिया खाद्य निर्माण व विक्रय पर कड़ी निगरानी रखने का निर्णय

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उत्तराखंड: 16 दिसंबर 2025, मंगलवार को देहरादून । उत्तराखंड में  आगामी क्रिसमस और नववर्ष के दौरान आमजन को सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा स्वास्थ्य एवं खाद्य संरक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के क्रम में खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग, उत्तराखण्ड द्वारा राज्यव्यापी विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। त्योहारी मौसम में खाद्य पदार्थों की खपत में वृद्धि को देखते हुए विभाग ने मिलावटखोरी, घटिया गुणवत्ता और अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य निर्माण एवं विक्रय पर कड़ी निगरानी रखने का निर्णय लिया है।

इस विशेष अभियान के अंतर्गत खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित किया जाएगा। होटल, रेस्टोरेंट, क्लब, कैफे, बेकरी, डेयरी, मिष्ठान भंडार, फूड कोर्ट, स्ट्रीट फूड जोन एवं तैयार खाद्य पदार्थों की निर्माण इकाइयों में नियमित और औचक निरीक्षण किए जाएंगे। विभाग का उद्देश्य केवल दंडात्मक कार्रवाई नहीं, बल्कि खाद्य कारोबार से जुड़े सभी हितधारकों में खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूकता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।

इस दौरान अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए विभाग द्वारा खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित किया गया है। इसमें मिठाइयाँ, नमकीन, बेकरी उत्पाद, कन्फेक्शनरी, डेयरी उत्पाद, साइड डिशेज, डेजर्ट्स और तैयार भोजन को विशेष निगरानी में रखा गया है। गुलाब जामुन, जलेबी, खीर, समोसा, बिरयानी, रोस्ट चिकन, पिज्जा, केक, पेस्ट्री, प्लम केक, कुकीज, चॉकलेट, क्रिसमस पुडिंग जैसे लोकप्रिय खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच की जाएगी।  अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि यह विशेष अभियान कनिष्ठ से लेकर वरिष्ठ स्तर तक सभी अधिकारियों की सक्रिय सहभागिता से संचालित किया जा रहा है। विभिन्न राज्यों की सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों को ध्यान में रखते हुए उत्तराखण्ड की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों के अनुरूप निगरानी व्यवस्था विकसित की गई है।

इस दौरान अपर आयुक्त उत्तराखण्ड शासन  ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि  जनपद स्तर पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के नेतृत्व में विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो निर्माण इकाइयों से लेकर थोक व खुदरा विक्रेताओं तक की श्रृंखला की जांच करेंगी। खाद्य सुरक्षा एवं मानक नियम-2011 तथा संबंधित विनियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग का सहयोग भी लिया जाएगा।

आम नागरिकों की भागीदारी को भी इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। विभागीय पोर्टल और टोल-फ्री नंबर पर प्राप्त शिकायतों का त्वरित संज्ञान लेते हुए जांच एवं कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अभियान के दौरान लिए गए खाद्य नमूनों को भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) तथा राज्य स्तर पर निर्धारित विधिक और सर्विलांस लक्ष्यों के अंतर्गत परीक्षण हेतु भेजा जाएगा।

उत्तराखण्ड शासन में  आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि त्योहारी मौसम में खाद्य सुरक्षा को लेकर विभाग पूरी तरह सतर्क है। मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री के निर्देशों के अनुरूप यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आमजन को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री ही उपलब्ध हो। उन्होंने बताया कि अपमिश्रण और घटिया खाद्य पदार्थों की रोकथाम के लिए केवल बिक्री स्थलों ही नहीं, बल्कि निर्माण इकाइयों को भी चिन्हित कर स्रोत पर कार्रवाई की जा रही है। सभी जनपदों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि प्राथमिकता वाले खाद्य पदार्थों की नियमित जांच की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त न की जाए। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा से जुड़ा यह अभियान केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य की रक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम है और इसमें विभाग किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान की गई प्रत्येक कार्रवाई की दैनिक रिपोर्टिंग अनिवार्य की गई है, जिससे पारदर्शिता और प्रभावशीलता बनी रहे। विभाग का प्रयास है कि त्योहारी उल्लास के बीच खाद्य सुरक्षा का भरोसा भी नागरिकों को मिले।

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