उत्तराखंडदेहरादूनविविधसामाजिक

प्रदेश में फूड टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किए जाने की आवश्यकता: CS

Spread the love

उत्तराखण्ड: 14 अगस्त 2025 बृहस्पतिवार को देहरादून /राजधानी स्थित सचिवालय में सुरक्षित भोजन एवं स्वस्थ आहार पर राज्य स्तरीय सलाहकार समिति की मुख्य सचिव  आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में 5वीं बैठक सम्पन्न हुयी। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने दुग्ध एवं दुग्ध उत्पादों में मिलावट को रोकने के लिए राज्य एवं राज्य के बाहर से आने वाले दुग्ध एवं दुग्ध उत्पादों के परीक्षण के लिए संबंधित राज्यों के एफडीए के साथ संयुक्त अभियान संचालित किए जाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तर प्रदेश के एफडीए से सूचनाएं साझा कर आपसी सहयोग से खाद्य उत्पादों की संयुक्त निगरानी एवं प्रवर्तन कराया जाए। इस अवसर पर सचिव  रविनाथ रमन, चंद्रेश कुमार यादव अपर सचिव श्रीमती अनुराधा पाल सहित अन्य सम्बन्धित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्य सचिव ने नियमित रूप से मिलावटखोरी में संलिप्त व्यक्तियों पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि मिलावटखोरी से सम्बन्धित न्यायालयों में चल रहे मामलों पर मजबूत पैरवी की जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में फूड टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि फूड सैंपल की टेस्टिंग सही से हो सके इसके लिए टेस्टिंग लैब बढ़ायी जाएं, साथ ही, फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स को शीघ्र से शीघ्र धरातल पर उतारा जाए।

मुख्य सचिव ने ईट राईट कैम्पस सर्टिफिकेशन को और अधिक बढ़ावा दिए जाने की बात भी कही। साथ ही निर्देश दिए कि मिड डे मील और आंगनवाड़ी केन्द्रों में दी जाने वाली टेक होम राशन में भी गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। मुख्य सचिव ने प्रयुक्त खाना पकाने के तेल को फूड चेन से बाहर करने हेतु यूज्ड कुकिंग ऑयल कलेक्शन के लिए मैकेनिज्म तैयार किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक कलेक्शन मैकेनिज्म मजबूत नहीं होगा, यूज्ड कुकिंग ऑयल को फूड चेन से बाहर कर पाना मुश्किल होगा। उन्होंने इसके लिए शीघ्र योजना तैयार किए जाने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर सचिव   आर. राजेश कुमार ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में 1684 खाद्य पद्वार्थों के सैंपल लिए गए थे, जिनमें से 1509 का विश्लेषण किया जा चुका है। इसमें 62 सैंपल असुरक्षित पाए गए एवं 78 सैंपल घटिया अथवा गलत ब्रांड वाले पाए गए। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा एवं कांवड़ यात्रा के दौरान भी यात्रा मार्गों पर सैंपल लिए गए थे। विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस (07 जून 2025) के अवसर पर शुरू किए गए सर्व सेफ फ़ूड कार्यक्रम के अंतर्गत, कुमाऊँ क्षेत्र में कुल 1000 स्ट्रीट फ़ूड विक्रेताओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। स्ट्रीट फ़ूड विक्रेताओं को प्रशिक्षित करने के लिए अब तक 18 प्रशिक्षण आयोजित किए जा चुके हैं। रुद्रपुर और काशीपुर में 540 स्ट्रीट फ़ूड विक्रेताओं को प्रशिक्षित किया गया है। शेष 460 स्ट्रीट फ़ूड विक्रेताओं को चंपावत, रानीखेत, अल्मोड़ा और बागेश्वर में प्रशिक्षित किया जाएगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button