
उत्तराखंड: 28 Oct. 2026, देहरादून / राजधानी स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में दून शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम, सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने तथा जाम की समस्या के स्थायी समाधान हेतु जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर विस्तृत समीक्षा की। बैठक में शहर की वर्तमान यातायात व्यवस्था में सुधार, सड़क कनेक्टिविटी, जंक्शन सुधारीकरण, पार्किंग की उपलब्धता, नए पार्किंग स्थलों की संभावनाओं तथा मसूरी सहित अन्य पर्यटन स्थलों की ओर जाने वाले वाहनों के सुचारु आवागमन को लेकर विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।
इस दौरान देहरादून जनपद के डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि देहरादून की यातायात व्यवस्था में स्थायी सुधार के लिए अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार की जाए। योजना तैयार करते समय शहर की वर्तमान आवश्यकताओं, भविष्य में बढ़ने वाले यातायात दबाव, पर्यटकों एवं स्थानीय नागरिकों की सुविधा और उपलब्ध आधारभूत संरचनाओं को ध्यान में रखा जाए, ताकि शहरवासियों को जाम से राहत मिलने के साथ ही आवागमन सुरक्षित एवं सुगम हो सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि पर्यटन सीजन एवं अन्य व्यस्त अवसरों पर यातायात का दबाव नियंत्रित करने के लिए ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए, जिससे शहर के मुख्य मार्गों पर वाहनों का अनावश्यक जमाव न हो और पर्यटकों को भी सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
साथ ही देहरादून डीएम ने कहा कि देहरादून की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अन्य राज्यों के भीड़भाड़ वाले शहरों एवं प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनाए गए सफल यातायात प्रबंधन उपायों का अध्ययन किया जाए। वहां लागू व्यवस्थाओं, पार्किंग मॉडल, वैकल्पिक मार्गों एवं यातायात नियंत्रण की प्रभावशीलता का आकलन करते हुए देहरादून की भौगोलिक परिस्थितियों और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) को यातायात पुलिस, परिवहन विभाग तथा टाउन प्लानर के साथ समन्वय स्थापित कर व्यापक यातायात प्रबंधन मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए
बैठक में अवगत कराया गया कि पूर्व में तैयार योजना के अंतर्गत 23 स्थलों पर पार्किंग प्रस्तावित की गई है। इसी प्रकार उप जिलाधिकारी सदर को देहरादून शहर में संचालित एवं प्रस्तावित पार्किंग स्थलों की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि पार्किंग स्थलों की डीपीआर तैयार होने की स्थिति, उपलब्ध भूमि, लैंड पार्सल की व्यवहार्यता रिपोर्ट तथा अन्य आवश्यक तकनीकी एवं प्रशासनिक पहलुओं का विवरण संकलित कर प्रस्तुत किया जाए।
डॉ0 आशीष चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यातायात की समस्या के समाधान के लिए तत्काल प्रभाव से किए जा सकने वाले सुधारों और दीर्घकालिक आधारभूत संरचना विकास के उपायों को अलग-अलग चिह्नित किया जाए। एमडीडीए के अधिकारी उपस्थित रहे। अन्य संबंधित अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े।



