उत्तराखंडशिक्षा

धामी के सख्त रुख का असर-5 और मदरसों पर शिकंजा, किए गए सील

Spread the love

 उत्तराखंड: 02 Sep. 2026, देहरादून / राजधानी स्थित उत्तराखंड मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को निर्धारित नियमों, मानकों और आवश्यक मान्यता के अनुरूप संचालित कराने को लेकर सरकार की सख्ती लगातार जारी है। मुख्यमंत्री द्वारा स्पष्ट किया गया है कि प्रदेश में किसी भी शिक्षण संस्थान को निर्धारित नियमों एवं मानकों की अनदेखी करते हुए संचालित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। इसी क्रम में उधमसिंह नगर के बाजपुर परगना क्षेत्र में प्रशासन ने आज पांच और मदरसों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उन्हें सील कर दिया।

आज की कार्रवाई के तहत मदरसा गुलशन इस्लाम, कनोरा-बाजपुर, मदरसा जामिया हनकिया रजा उल उलूम, चकरपुर, मदरसा जामिया फातिमा जेहरा, जगन्नाथपुर-बाजपुर, मदरसा मोईनुल उलूम, मोहल्ला गांधीनगर, केलखेड़ा तथा मदरसा हुज्जतुल इस्लाम, गुमसानी रोड, बाजपुर को सील किया गया। प्रशासन की ओर से की गई यह कार्रवाई संबंधित संस्थानों के संचालन में आवश्यक मान्यता एवं निर्धारित नियमों और मानकों के अनुपालन से जुड़े मामलों की जांच के बाद की गई।

इस दौरान सीएम धामी ने प्रदेश में पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए यह स्पष्ट किया है कि शिक्षण संस्थानों का संचालन निर्धारित कानूनी एवं प्रशासनिक प्रावधानों के अनुरूप होना चाहिए। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विद्यार्थियों को सुरक्षित, व्यवस्थित और निर्धारित शैक्षणिक मानकों के अनुरूप वातावरण उपलब्ध हो तथा किसी भी संस्था को नियमों की अनदेखी कर मनमाने ढंग से संचालित करने की छूट न मिले।

इसी नीति के अनुरूप प्रशासन द्वारा बाजपुर क्षेत्र में संचालित संस्थानों की जांच और निरीक्षण की कार्रवाई की जा रही है। जांच के दौरान जहां आवश्यक मान्यता अथवा निर्धारित मानकों के अनुपालन से संबंधित कमियां सामने आ रही हैं, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। आज पांच मदरसों को सील किया जाना भी इसी कार्रवाई का हिस्सा है।

साथ ही  मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि शिक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता अथवा नियमों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी। किसी भी शिक्षण संस्थान के संचालन के लिए निर्धारित मान्यता, पंजीकरण, भवन एवं सुरक्षा संबंधी प्रावधानों तथा अन्य आवश्यक नियमों का पालन करना अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संस्था के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

बाजपुर क्षेत्र में पूर्व में भी नियमों के विपरीत अथवा आवश्यक मानकों के अनुरूप संचालित नहीं पाए गए संस्थानों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। प्रशासन द्वारा अब भी क्षेत्र में संचालित अन्य संस्थानों की स्थिति की जांच की जा रही है। जांच के दौरान यदि कोई अन्य संस्था भी निर्धारित प्रावधानों का उल्लंघन करती हुई पाई जाती है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार का स्पष्ट रुख है कि कानून और नियम सभी के लिए समान हैं तथा किसी भी संस्था को नियमों से ऊपर नहीं माना जा सकता। सरकार जहां विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण और सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है, वहीं निर्धारित मानकों और नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों के विरुद्ध प्रशासनिक कार्रवाई भी सुनिश्चित की जा रही है।

उन्होने  आज की कार्रवाई के बाद प्रशासन ने साफ कर दिया है कि बाजपुर क्षेत्र में जांच एवं निरीक्षण का अभियान आगे भी जारी रहेगा। निर्धारित नियमों एवं मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर तथ्यों और जांच के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार का जोर स्पष्ट, पारदर्शी और नियमसम्मत शिक्षा व्यवस्था पर है, जिसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता के लिए कोई स्थान नहीं होगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button