
उत्तराखंड: 09 April 2026, गुरुवार को देहरादून/राजधानी में देहरादून, 9 अप्रैल को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, देहरादून ने एक अहम फैसले में उपभोक्ता के पक्ष में निर्णय सुनाते हुए मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) को मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं। यह फैसला 7 अप्रैल 2026 को पारित किया गया, जिसे उपभोक्ता अधिकारों की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
मामला करनपुर निवासी सोमपाल सिंह द्वारा दायर उपभोक्ता शिकायत से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि एमडीडीए द्वारा आवंटित फ्लैट में गंभीर निर्माण खामियां थीं, जबकि उन्होंने पूरी धनराशि जमा कर दी थी। इसके बावजूद संबंधित कमियों को समय पर दूर नहीं किया गया।
सुनवाई के दौरान आयोग ने पाया कि एमडीडीए की ओर से संतोषजनक जवाब और आवश्यक साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए। इसे सेवा में कमी (Deficiency in Service) मानते हुए आयोग ने उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाया।
क्या कहा आयोग ने
आयोग के आदेश के अनुसार—
- एमडीडीए 45 दिनों के भीतर ₹70,440 फ्लैट की कमियों को ठीक कराने में हुए खर्च के रूप में अदा करेगा।
- मानसिक कष्ट व असुविधा के लिए ₹10,000 अतिरिक्त दिए जाएंगे।
- वाद व्यय के रूप में ₹5,000 का भुगतान भी करना होगा।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा में भुगतान न करने पर संबंधित राशि पर ब्याज भी देना होगा।
जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ा कदम
इस फैसले को सरकारी एजेंसियों की जवाबदेही तय करने और उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे साफ संदेश गया है कि लापरवाही और मानकों की अनदेखी पर अब कड़ी कार्रवाई तय है।



