
उत्तराखंड: 04 FEB.2026, बुधवार को देहरादून। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा राजधानी देहरादून के रायपुर क्षेत्र में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के उच्चीकरण का कार्य लगभग पूर्ण कर लिया गया है। यह बहुप्रतीक्षित परियोजना शीघ्र ही जनता को समर्पित की जाएगी, जिससे क्षेत्रीय नागरिकों को आधुनिक और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
नव निर्मित सीएचसी भवन में 20 अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही ओपीडी कक्ष, पैथोलॉजी लैब, डिजिटल एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, दवा वितरण केंद्र, टीकाकरण इकाई और 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध रहेंगी।
ग्राउंड फ्लोर पर पंजीकरण काउंटर, ओपीडी और आपातकालीन सेवाओं हेतु 4 बेड की सुविधा होगी। ऊपरी मंजिलों पर पुरुषों के लिए 8 बेड, महिलाओं के लिए 10 बेड तथा 4 प्राइवेट बेड बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त 4 बेड का नवजात शिशु स्थिरीकरण (छठैन्) यूनिट भी स्थापित किया गया है, जिससे नवजात शिशुओं को बेहतर देखभाल मिल सकेगी।
प्रशिक्षण और बैठकों के लिए विशेष व्यवस्था
राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों, कार्यशालाओं एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन हेतु भवन में कॉन्फ्रेंस हॉल एवं मीटिंग हॉल की भी व्यवस्था की गई है। वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिफ्ट, रैंप और व्हीलचेयर जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
तीन लाख से अधिक आबादी को सीधा लाभ
रायपुर सीएचसी के उच्चीकरण से भोपालपानी, थानो, शमशेरगढ़, नत्थुवावाला, मालदेवता, सरोना, बौठा सहित मसूरी की तलहटी के गांवों और टिहरी जनपद के उनियाल गांव व आनंद गांव की लगभग तीन लाख की आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। अब मरीजों को उपचार के लिए जिला अस्पताल या निजी अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
स्थानीय लोगों ने जताया सरकार का आभार
स्थानीय निवासी अशोक वर्धन सिंह ने सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि सीएचसी के उच्चीकरण से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बेहतर और समय पर इलाज मिल सकेगा। दून अस्पताल में बढ़ते मरीजों के दबाव को देखते हुए रायपुर सीएचसी ग्रामीण जनता के लिए अत्यंत सुविधाजनक सिद्ध होगा।
स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती
रायपुर सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रताप सिंह रावत ने बताया कि उच्चीकरण के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी तथा आपातकालीन सेवाओं का विस्तार होगा। वर्तमान में 10 चिकित्सकों के साथ नर्सिंग स्टाफ कार्यरत है। भविष्य में बढ़ती सुविधाओं को देखते हुए 6 अतिरिक्त चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की आवश्यकता का प्रस्ताव भी भेजा गया है।



