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हाईकोर्ट के इस फैसले से फिजियोथेरेपिस्टो के लिए अच्छी खबर…

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उत्तराखंड: 24 Jan.2026,   शनिवार को देहरादून । प्राप्त जानकारी के अनुसार  उत्तराखण्ड प्रान्तीय भौतिक चिकित्सा सेवा संघ ने केरल हाईकोर्ट के फैसले से पदाधिकारयिों ने भी खुशी व्यक्त की है।  वही जिसमें  कोच्चि / देहरादून। जानकारी के मुताबिक केरल उच्च न्यायालय द्वारा फिजियोथेरेपिस्ट (भौतिक चिकित्सक) समुदाय से संबधित उस रिट याचिका को खारिज किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हैं। जिसमें फिजियोथेरेपिस्ट्स द्वारा नाम के साथ “Dr.” उपसर्ग एवं “PT” प्रत्यय के उपयोग को चुनौती दी गई थी। न्यायालय के इस निर्णय से इस विषय को लेकर बनी असमंजस की स्थिति समाप्त हुई है।अदालत के इस निर्णय के साथ ही इस विषय में पहले पारित अंतरिम आदेश स्वतः समाप्त हो गया है और केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित व्यवस्था प्रभाव में बनी हुई है।‘पीटी’ (PT) का उपयोग इसलिए किया जाता है ताकि यह स्पष्ट रहे कि यह फिजियोथेरेपी विशेषज्ञ हैं। 

यह मामला रिट याचिकिा संख्या WP (C) 41106/2025 से संबधित था, जिसका निस्तारण 22 जनवरी 2026 को किया गया। यचिका के खारिज होने के साथ ही संबंधित अंतरिम आदेश स्वतः समाप्त हो गया है और नाम उपयोग से संबंधित पूर्व में लागू व्यवस्था प्रभाव में बनी हुई है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा Allied And Health Care Professions Act, 2021 के अंतर्गत जारी फिजियोथेरैपी पाठ्यक्रम (2026) में भी “Dr.” एवं “PT” के उपयोग का प्रावधान किया गया है।

इस दौरान उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष डॉ० आलोक त्यागी (PT ने कहा कि इस निर्णय से फिजियोथेरैपी पेशे की पहचान, सम्मान और स्पष्टता को बल मिला है। हम आशा करते है कि इससे स्वास्थ्य सेवाओं में फिजियोथेरैपिस्ट्स की भूमिका और अधिक सशक्त होगी । साथ ही हाईकोर्ट के फैसले पर उत्तराखंड प्रांतीय भौतिक चिकित्सा सेवा संघ ने प्रसन्नता व्यक्त की है। संघ के अध्यक्ष डॉ. आलोक त्यागी (PT) ने कहा कि अदालत के इस निर्णय से पेशे को लेकर फैला भ्रम समाप्त हुआ है और नियामक व्यवस्था को स्पष्टता मिली है।

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष डॉ० आलोक त्यागी (PT), महासचिव डॉ० मुनीष रस्तोगी (PT), वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ० रमेश शाह (PT), सचिव डॉ० रवि शंकर जोशी (PT), उपाध्यक्ष डॉ० उदयन कुमार (PT). कोषाध्यक्ष डॉ० अश्विनी कुमार लसियाल (PT), संगठन मंत्री डॉ० विकास धस्माना (PT), सम्प्रेक्षक डॉ० वसुधा वर्मा (PT), संयुक्त सचिव डॉ० सुनील चन्द ठाकुर (PT), सहित अनेक पदधिकारियों एवं सदस्यों ने इस निर्णय को सकारात्मक एवं उत्साहवर्धक बताया। साथ ही डॉ० गौरव गुलाटी (PT), डॉ० शिवांग शर्मा (PT), एवं ,वसुधा वर्मा सम्प्रेक्षक,सुनील चन्द ठाकुर संयुक्त सचिव,आभा बिष्ट महिला उपाध्यक्ष ;गढ़वाल,मीनाक्षी जोशी महिला उपाध्यक्ष ;कुमांऊ,,वर्षा आर्या  अन्य पदाधिकारयिों ने भी खुशी व्यक्त की है।

नोटः हाईकोर्ट की आधिकारिक अभिलेखों के अनुसार यह रिट याचिका खारिज हो चुकी है।

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