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परमार्थ त्रिवेणी पुष्प भारत दर्शन का उत्कृष्ट स्वरूप

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ऋषिकेश,। नवनिर्मित परमार्थ त्रिवेणी पुष्प, प्रयागराज में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आगमन अत्यंत दिव्य और प्रेरणादायक रहा। मुख्यमंत्री ने परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती के साथ इस अद्भुत और सांस्कृतिक स्थल का भ्रमण किया। दोनों दिव्य विभूतियों ने प्लास्टिक मुक्त हरित महाकुम्भ के विषय में विस्तृत चर्चा की। श्रीराम मंदिर की सुंदर, दिव्य और भव्य प्रतिकृति ने मुख्यमंत्री जी को गद्गद कर दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने परमार्थ त्रिवेणी पुष्प को भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता का उत्कृष्ट स्वरूप बताया। परमार्थ त्रिवेणी पुष्प, एक ऐसा स्थल है, जहां भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और प्रकृति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।

यह स्थल भारतीय इतिहास, धर्म, और सांस्कृतिक परंपराओं का जीवंत प्रतीक है। यहां श्रीराम मंदिर की भव्य प्रतिकृति के साथ-साथ भारत की संस्कृति, अध्यात्म, कला के दिव्य दर्शन होते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परमार्थ त्रिवेणी पुष्प का भ्रमण करते हुए इसके हर पहलू का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा, ‘यह स्थल केवल एक मंदिर या संरचना नहीं, बल्कि यह हमारी भारतीय धरोहर और अध्यात्म का जीवंत स्वरूप है। यह स्थल आने वाली पीढ़ियों को हमारी संस्कृति और मूल्यों से जोड़ने का कार्य करेगा।

परमार्थ त्रिवेणी पुष्प का प्रमुख आकर्षण श्रीराम मंदिर की दिव्य प्रतिकृति है। इस प्रतिकृति को इस तरह से निर्मित किया गया है कि यह अयोध्या में बन रहे श्रीराम मंदिर के भव्य स्वरूप का प्रतीकात्मक दर्शन कराती है। मुख्यमंत्री जी ने इस प्रतिकृति का अवलोकन करते हुए कहा, यह मंदिर केवल वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण नहीं, बल्कि रामराज्य की भावना और धर्म की स्थापना का प्रतीक भी बनेगा। स्वामी ने मुख्यमंत्री को परमार्थ निकेतन के पर्यावरण संरक्षण और गंगा की निर्मलता के लिए चलाए जा रहे अभियानों के बारे में जानकारी दी। स्वामी ने कहा कि पूरे संत समाज व भारत के लिये सौभाग्य का विषय है कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व व मार्गदर्शन में महाकुम्भ का आयोजन प्रयागराज में हो रहा हैं।

महाकुंभ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, परंपराओं, और आध्यात्मिकता का उत्सव है। प्रयागराज में गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम पर आयोजित होने वाला यह महापर्व संपूर्ण विश्व के लिए भारत की दिव्यता और अखंडता का परिचायक होगा। उन्होंने कहा, महाकुंभ भारत की संस्कृति और आध्यात्मिकता की गहराई को दर्शाता है। यह आयोजन हमारी जड़ों को मजबूत करता है और पूरे विश्व को शांति, एकता, और सह-अस्तित्व का संदेश देता है। स्वामी चिदानन्द सरस्वती और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने श्रीराम मन्दिर प्रांगण परमार्थ त्रिवेणी पुष्प प्रयागराज में रूद्राक्ष के दिव्य पौधें का रोपण किया।

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